क्या सोच रहा है तु …

Yk’s. …
सोच रहा है तु
क्या करना है
सवाल में उलझे
क्या जवाब है

जिना है बेबस
बंद जैसे कमरा है
या फिर जिना जैसे
बेफिकीर समा है

सब कुछ है यहा
क्या तु मांगता है
रेत हाथसे फिसलना
वक्त यही केहता है

क्यु सोच रहा है तु
क्या करना है …. …

-योगेश खजानदार

विचार करत बसायला आयुष्य खुप छोट आहे. म्हणून जास्त विचार नाही करायचा बिनधास्त रहायच ….. :):):):)

दुनिया का मुझसे क्या

✨✨✨✨✨✨

दुनिया का मुझसे क्या

चलता हु अपने धुन
करना जो कहे मन
सवाल ना पुछो
दुनिया का मुझसे क्या

सब यहा झुट
सब कहे मेरी सुन
अरे तु मेरी सुन
दुनिया का मुझसे क्या

भगवान की प्यारी
ये सारी दुनियाँ हमारी
बिगड गई दुनियादारी
भगवान भी कहे अब
दुनिया का मुझसे क्या.

-योगेश खजानदार

✨✨✨✨✨

साथ

ही कविता रुसलेल्या कोणासाठी … 🙂

क्यों न चले हम साथ
दुनिया तो छोटी है
मिलते रहे हम यहा
समय की कमी है

ना करो नफरत
ये सब झूठी है
प्यार बाटले
समय की कमी है

मै चलु तुम चलो
जिंदगी हसीन है
छोडिये शिकवे
समय की कमी है

साथ जाये छुट
आॅखो मे नमी है
चल हाथ थाम मेरा
समय की कमी है …
-योगेश खजानदार

भलाई

सब जहा बिका मौत ना बिक पाई
क्यु तु खामखा दुनिया करे लढाई
आज तु है कल कोई और होगा
जितेजी तु दुनिया से कर भलाई
मिट जाये तेरा वजुद नाम रेह जायेगा
दो बुंद ऑसू के फिर दुनिया से मिट जायेगा
ये कल ना तेरा था आज ना तेरा है
फिर किस लिये चले तेरी ये लढाई
चल थाम इन्सानियत का हाथ
बाटले खुशियां अपने दोनो हाथ
इसमें ही है तेरी भलाई
-योगेश खजानदार

दोन ओळी मनातील…..

हे ईश्वर पता है मुझे
आज तु रोता होगा
इन्सानियत बिक गई
खुदसे तु केहता होगा

तेरा वजुद बट गया
सब यहा झुट होगा
किस दर पे जाऊ
तु जहा रेहता होगा

हे ईश्वर पता है मुझे
आज तु रोता होगा
-योगेश खजानदार

जय शिवराय !!!

एक होता राजा
माझा जाणता राजा
शिवाजी तेचे ऐसे नाव

स्वराज्याचा ध्यास तो
आमचा इतिहास तो
क्षण क्षण ही आज बोलती
जय जिजाऊ जय शिवराय।।

आजही मराठी मनात
इतिहासाची साद ती
साक्षीलाही गडकिल्ले बोलती
जय जिजाऊ जय शिवराय।।

पुन्हा यावे राजे तुम्ही
मावळ्यांना आस ही
महाराष्ट्राची एकच साद
जय जिजाऊ जय शिवराय।।
– योगेश खजानदार।।
शिवाजी महाराजा बद्दल मला प्रचंड आदर वाटतो. इतिहास वाचताना मला वाटत  खरंच  मी शिवरायांच्या काळात जन्माला आलो असतो तर मला राजांचा एक मावळा बनता  आले असते तो क्षण अनुभवता आला असता पण मी या मातीत जन्माला आलो हेच माझे भाग्य …. 🙂 🙂
जय शिवराय

शब्द

मित्रांनो शब्द हा त्यांची जागा बदली की अर्थ बदलतो असच थोडी शब्दांची किमया… ¥

शब्द हे विचार मांडतात
शब्द हे नाते जपतात
शब्द जपुन वापरले
तर कविता बनतात
शब्द अविचारी वापरले
तर टिका बनतात
शब्दांची गोष्टच निराळी
रचना केली तर जीवनाचा सार बनतात…  ¥¥

. .. 😉